Chanakya Niti | इन गुणों वाली महिलाएं होती हैं सबसे अच्छी पत्नी और मां, चाणक्य नीति में भी इसका जिक्र

Chanakya Policy: To make children cultured and successful, parents should keep in mind these aspects of Chanakya Policy

Chanakya Niti | प्रसिद्ध अर्थशास्त्री आचार्य चाणक्य बहुत ही बुद्धिमान और कुशल राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने अपनी नीतियों में न केवल व्यक्ति को सफलता प्राप्त करने के सभी रास्ते दिखाए हैं, बल्कि उनके माध्यम से समाज का कल्याण भी किया है।

उनकी रणनीति आज भी पूरी दुनिया में मशहूर है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों के बल पर एक साधारण बालक चंद्रगुप्त को मधग का सम्राट बना दिया था। उन्होंने अपने नीतिशास्त्र में जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे व्यक्तिगत जीवन, नौकरी, व्यापार, रिश्ते, मित्रता, शत्रु आदि पर अपने विचार साझा किए हैं।

चाणक्य नीति कहती है कि मानव जीवन अमूल्य है। यदि इस जीवन को सफल और सार्थक बनाना है तो सभी को कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। चाणक्य ने ऐसी महिलाओं का जिक्र किया है, जो किसी व्यक्ति की जीवनसाथी बन जाती हैं, तो उसके जीवन को संवारते देर नहीं लगती। आइए जानते हैं कौन हैं ऐसी महिलाएं।

मधुर वाणी से मोहित करने वाली

आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसी मृदुभाषी स्त्री से विवाह करने वाला पुरुष हमेशा सुखी जीवन व्यतीत करता है। ऐसी महिलाएं खुद समाज में सम्मान पाती हैं। साथ ही ये अपने माता-पिता और ससुराल वालों की प्रतिष्ठा में भी वृद्धि करते हैं।

लक्ष्मी का स्वरूप शांत स्वभाव की नारी 

चाणक्य नीति के अनुसार शांत स्त्री को लक्ष्मी का रूप माना जाता है। ऐसे में शांत मन वाली स्त्री यदि किसी पुरुष के जीवन में उसकी पत्नी के रूप में आती है तो वह न केवल घर की शोभा बढ़ाती है बल्कि परिवार में एकता और शांति भी बनाए रखती है। जिससे उस परिवार को आगे बढ़ने में देर नहीं लगती।

शिक्षित और सुसंस्कृत महिलाएं

आचार्य चाणक्य के अनुसार यदि एक शिक्षित, गुणी और संस्कारी स्त्री जीवन में पत्नी के रूप में आती है तो वह हर स्थिति में परिवार की सहायिका बन जाती है। ऐसी महिलाएं न केवल आत्मविश्वास से भरी होती हैं बल्कि निडर होकर बड़े फैसले भी ले लेती हैं।

सीमित इच्छा की महिलाएं

आचार्य चाणक्य के अनुसार जो महिलाएं परिस्थितियों के अनुसार अपनी इच्छाओं को झुकाना जानती हैं, वे सबसे अच्छी पत्नियां साबित होती हैं। ऐसी महिलाएं अपने पति और परिवार को अच्छे कर्म करने और सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं। अपनी सीमित इच्छाओं के कारण परिवार भी कभी आर्थिक तंगी में नहीं फँसता, जिसका लाभ पूरे घर को मिलता है।