Arjun Modhwadia Joins BJP: गुजरात में लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस को झटके लग रहे हैं. सोमवार को कांग्रेस छोड़ने वाले वरिष्ठ नेता अर्जुन मोढवाडिया आज बीजेपी में शामिल हो गए। गुजरात बीजेपी अध्यक्ष सी.आर.पाटिल ने उन्हें भगवा टोपी और अंगवस्त्र पहनाकर पार्टी में शामिल कराया।
गुजरात में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक अर्जुन मोढवाडिया ने सोमवार को पार्टी और अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पार्टी छोड़ने का कारण 22 जनवरी को अयोध्या में आयोजित राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का कांग्रेस द्वारा बहिष्कार बताया था।
लोकसभा चुनाव से पहले गुजरात में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। अर्जुन मोढवाडिया आज कांग्रेस का ‘हाथ’ छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले अब तक कांग्रेस के कई नेता इस्तीफा दे चुके हैं। अर्जुन मोढवाडिया के साथ अंबरीश डेर समेत वो नेता भी आज बीजेपी में शामिल हो गए जिन्होंने कल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।
कल दिया था इस्तीफा?
कल पोरबंदर विधायक ने गांधीनगर में गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। उनके इस्तीफे के साथ ही 182 सदस्यीय विधानसभा में विपक्षी दल की ताकत घटकर 14 रह गई है।
गुजरात के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली विपक्षी नेताओं में से एक, मोढवाडिया ने 2022 के चुनावों में पोरबंदर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के दिग्गज बाबू बोखिरिया को हराया था। वरिष्ठ नेता का इस्तीफा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के 7 मार्च को गुजरात में प्रवेश करने से कुछ दिन पहले आया है।
इस्तीफे के बाद मोढवाडिया ने क्या कहा?
इस्तीफा देने के बाद अर्जुन मोढवाडिया ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। गांधीनगर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, आज मैंने गुजरात कांग्रेस के हर पद से इस्तीफा दे दिया है, मैं छात्र जीवन से लेकर आज तक कांग्रेस से जुड़ा हूं।
ब्लॉक कांग्रेस से राजनीति शुरू कर वे विधानसभा और विपक्षी दल के नेता रहने के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष भी बने। मैंने अपना खून-पसीना देकर पार्टी को मजबूत करने का प्रयास किया। लेकिन, कुछ वर्षों तक मैं जिस सपने के साथ कांग्रेस में शामिल हुआ था वह पूरा नहीं हुआ।
उन्होंने आगे कहा, मैंने सोचा था कि कांग्रेस में रहकर लोगों में आर्थिक और सामाजिक बदलाव लाऊंगा. हमें आजादी तो 1947 में मिल गई, लेकिन महात्मा गांधी ने कहा था कि हमें राजनीतिक आजादी तो मिल गई है, आर्थिक और सामाजिक आजादी अभी बाकी है। इसी कल्पना के साथ मैं कांग्रेस में काम कर रहा था।
जिस तरह से कांग्रेस पार्टी जनता से दूर हो गई है. मैंने कई बार उनका ध्यान इस ओर आकर्षित करने की कोशिश की. लेकिन, मैं इसमें असफल रहा। इसलिए आज मैंने कांग्रेस के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। मैं अपने अब तक के राजनीतिक सफर में केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं।
‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के गुजरात में प्रवेश करने से बड़ा झटका
मोढवाडिया ने राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के गुजरात में प्रवेश करने से महज 3 दिन पहले अपने निर्णय की घोषणा कर सबको चौका दिया। मोढवाडिया के कांग्रेस छोड़ने से कुछ दिन पहले, पार्टी के राज्यसभा सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री नाराण राठवा अपने बेटे और बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए थे।
मोढवाडिया 40 साल तक कांग्रेस से जुड़े रहे
गुजरात के वरिष्ठ और सबसे प्रभावशाली विपक्षी नेताओं में से एक, 67 वर्षीय मोढवाडिया, लगभग 40 वर्षों तक कांग्रेस से जुड़े रहे। वह विधानसभा में विपक्ष के नेता और पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष भी थे। मोढवाडिया ने 2022 के चुनाव में पोरबंदर विधानसभा क्षेत्र में दिग्गज भाजपा नेता बाबू बोखिरिया को हराया था।
मोढवाडिया के इस्तीफे के साथ, 182 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या घटकर 14 हो गई है। मोढवाडिया पिछले चार महीनों में चिराग पटेल और सीजे चावड़ा के बाद इस्तीफा देने वाले तीसरे कांग्रेस विधायक हैं। पटेल ने दिसंबर में और चावड़ा ने जनवरी में इस्तीफा दे दिया था।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित एक पत्र में मोढवाडिया ने कहा कि अयोध्या में ‘रामलला’ के ‘प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव’ के निमंत्रण को अस्वीकार करके पार्टी नेताओं ने न केवल भारत के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, बल्कि पार्टी को भी ठेस पहुंचाई है। पार्टी के नेता लोगों के की भावनाओं का आकलन करने में भी असफल रहे हैं।
मोढवाडिया ने कहा कि उन्होंने 11 जनवरी को इस मुद्दे पर अपनी असहमति व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस पार्टी ने अयोध्या में उत्सव का बहिष्कार करके भगवान राम का अपमान किया, उससे उनके जैसे कई लोग आहत हुए।