‘बच्चों को ना पिलाएं मैरियन बायोटेक के दो कफ सिरप,’ WHO की रिपोर्ट

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WHO Report : उज्बेकिस्तान में खांसी की दवाई पीने से 19 बच्चों की मौत के बाद नोएडा स्थित फार्मा मैरियन बायोटेक संकट में है। इस मामले में मैरियन बायोटेक को दोषी ठहराया जा रहा है।

अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सिफारिश की है कि नोएडा की कंपनी मैरियन बायोटेक द्वारा बनाए गए दो कफ सिरप का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

बुधवार को एक चिकित्सा उत्पाद चेतावनी में, डब्ल्यूएचओ ने कहा कि मैरियन बायोटेक द्वारा निर्मित ‘घटिया चिकित्सा उत्पाद’ ऐसे उत्पाद हैं जो गुणवत्ता मानकों या विशिष्टताओं को पूरा करने में विफल रहते हैं, और इसलिए विशिष्टताओं से बाहर हैं।

डब्ल्यूएचओ ने अपनी वेबसाइट पर जारी अलर्ट में कहा- यह डब्ल्यूएचओ मेडिकल प्रोडक्ट अलर्ट दो दूषित उत्पादों को संदर्भित करता है और उज्बेकिस्तान में इसकी पहचान की गई है।

22 दिसंबर 2022 को WHO को इसकी सूचना दी गई है। दो उत्पाद Ambronol Syrup और DOK-1 मैक्स सिरप हैं।

दोनों उत्पादों का घोषित निर्माता मैरियन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड (उत्तर प्रदेश, भारत) है। उक्त निर्माता ने इन उत्पादों की सुरक्षा और गुणवत्ता पर WHO को कोई गारंटी नहीं दी है।

कफ सीरप में मानक के विपरीत मिलावट की जा रही है

WHO के अनुसार, उज़्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय की राष्ट्रीय गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशालाओं में खांसी की दवाई के नमूनों का परीक्षण किया गया था।

इसके विश्लेषण में पाया गया कि दोनों उत्पादों में डायथिलीन ग्लाइकोल या एथिलीन ग्लाइकोल मात्रा में मानक के विपरीत प्रदूषक के रूप में था।

बच्चे मर भी सकते हैं

WHO ने आगे कहा- इन दोनों प्रोडक्ट्स की दूसरे देशों में भी मार्केटिंग अथॉरिटी हो सकती है। उन्हें अन्य देशों या क्षेत्रों में अनौपचारिक बाजारों के माध्यम से भी वितरित किया जा सकता है।

संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि इस अलर्ट में संदर्भित घटिया उत्पाद असुरक्षित हैं और विशेष रूप से बच्चों में उनके उपयोग से गंभीर बीमारी या मृत्यु हो सकती है।

यूपी सरकार ने लाइसेंस सस्पेंड कर दिया

बता दें कि उज्बेकिस्तान ने 22 दिसंबर को आरोप लगाया था कि मैरियन बायोटेक कंपनी द्वारा निर्मित खांसी की दवाई पीने से 19 बच्चों की मौत हो गई थी।

इस संबंध में उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मैरियन बायोटेक कंपनी का उत्पादन लाइसेंस मंगलवार को निलंबित कर दिया है.

ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर ने कहा कि पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाने के कारण हमने मैरियन बायोटेक कंपनी का प्रोडक्शन लाइसेंस निलंबित कर दिया है.

स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी की ओर से कारण बताओ नोटिस भी दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि नमूनों के परिणाम अभी भी लंबित हैं।

पिछले महीने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा था कि खांसी की दवाई डोकल मैक्स में मिलावट की खबरों के मद्देनजर नोएडा स्थित फार्मा कंपनी की सभी निर्माण गतिविधियों को रोक दिया गया है।

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